मैं और वो.... Varsha Dhama (EE Writer)

मैं सावन की बदली जैसी,
वो ठंडी हवा का झोंका है,
मैं गम में भी मुस्कुरा देती हूँ,
और वो मजाक में भी गुस्सा होता है,
मैं फूलो की कलियों जैसी,
वो आवारा कोई भंवरा है,
मैं चांद की तरह शीतल हूँ,
और वो सूरज की तरह तपता है,
मैं ठहरी हुई तक़दीर कोई,
और वो ज़िन्दगी में मिला एक मौका है।

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